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राज्य सफाई कर्मचारी आयोग के वर्तमान अध्यक्ष श्री गोपाल पचेरवाल द्वारा दिनांक 20.10.2015 को कार्यभार ग्रहण एवं दिनांक 25 जनवरी 2016 को उपाध्यक्ष एवं चार सदस्यों के मनोनयन तथा उनके द्वारा दिनंाक 03 फरवरी 2016 को कार्यभार ग्रहण करने के पश्चात आयोग की प्रथम बैठक दिनांक 08.02.2016, और इसके पश्चात द्वितीय बैठक दिनांक 16.06.2016 को सम्पन्न हुई।    

अक्टूबर 2015 से अध्यक्ष के मनोनयन के पश्चात विभिन्न नगर पालिकाओं के भ्रमण तथा विभिन्न सफाई संगठनों से प्राप्त ज्ञापन व सुझाव पत्रों के आधार पर सफाई कर्मचारियों की धार्मिक भावनाओं, सामाजिक व प्रषासनिक समस्याओं को ध्यान में रखकर भारत सरकार के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग तथा राज्य सरकार के स्वायत्त शासन विभाग, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग, कार्मिक विभाग आदि को निम्नानुसार सुझाव एवं पस््रताव पे्रषित किये गये है, जिनमें से अधिकांष पर सकारात्मक कार्यवाही विचाराधीन है।

 

           क्रसं.    संबंधित विभाग                विषय विवरण का सार           प्रेषिति             प्रेषण की दिनांक            कार्यवाही की वर्तमान       
1 भारत सरकार का सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय  महान संतों की जयंती योजना में ‘महर्षि नवल साहेब‘ का नाम सम्मिलित करने हेतु। 
कैंद्र सरकार के सामा. न्याय एवं अधिकारिता विभाग की ‘महान संतों की जयंती‘ योजना में संत कबीर, गरूु रविदास जैसे नाम है, किंत ु सर्फाइ कर्मचारियों के आराध्य गुरू महर्षि नवल साहेब का नाम नहीं होने से, सम्मिलित किये जाने का सुझाव प्रेषित किया गया।
माननीय मंत्री सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग, भारत सरकार  03.11.15

प्रक्रियाधीन है। (इस संबंध में माननीय मंत्री जी का पत्र दिनांक 09.11.2015 एवं 03.06.2016 को प्राप्त हुआ है।) 

2 भारत सरकार का सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय  सफाई कर्मचारियों के लिए चिकित्सा सहायता योजना प्रभावषील किये जाने हेतु। एस.सी., एस.टी. के निर्धन रोगियों को कैंसर, किडनी, यकृत, घुटने का आॅपरेषन, मेरूदण्ड आॅपरेषन आदि के लिए चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई जाती है। इसकी एक लाख आय सीमा से सफाई कर्मचारियों को अभिमुक्त किए जाने हेतु सुझाव प्रेषित किया गया। माननीय मंत्री सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग, भारत सरकार  03.11.15
विचाराधीन है। 
3
भारत सरकार का शहरी एवं आवास मंत्रालय 
‘स्वच्छ भारत मिषन‘ में सफाई आयोग की भूमिका निष्चित किये जाने हेतु। ‘स्वच्छ भारत मिषन‘ के दिषा-निर्देषों के बिंदु 2.3.5 प्म्ब् -  च्नइसपब ।ूंतमदमेे    के विद्यमान बिंदु 8.1 से 8.6 व 10 3     (पपप) में सफाई कर्मचारियों की कार्यषालाओं के लिए बजट कोटे का निर्धारण करने, बिंदु 11.2 से गठित 'High Power Committee' में आयोग अध्यक्ष या Nominee को मनोनीत करने तथा District Level Review and Monitoring Committee(DLRMC) आयोग सदस्यों को मनोनीत किए जाने संबंधी प्रावधान निहित किये जाने का सुझाव प्रेषित किया गया। 
माननीय मंत्री शहरी विकास एवं आवास मंत्रालय, भारत सरकार
03.11.15

प्रक्रियाधीन है। (इस संबंध में माननीय मंत्री महोदय का पत्र दिनांक 05.01.2016 को प्राप्त हुआ है) 

4

  स्वायत्त शासन विभाग, राजस्थान सरकार सरकारी नौकरियों के लक्ष्य में सफाई कर्मचारियों की भर्ती को सम्मिलित करने हेतु। दिनांक 16.11.2015 के समाचार पत्रों में 2016 के लिए बेरोजगारों को सरकारी नौकरियों के संबंध में की गई लक्ष्यगत घोषणा में सफाई कर्मचारियों की स्वीकृत भर्ती को सम्मिलित किए जाने का आग्रह किया गया।  माननीय मंत्री स्वायत्त शासन विभाग, राजस्थान सरकार  16.11.15 विचाराधीन है। 
5 निदेशालय स्थानीय निकाय विभाग, राजस्थान सरकार सफाई कर्मचारी संगठनों से समन्वय स्थापित करना।  सफाई कर्मचारी संगठनों के  स्थानीय निकाय विभाग में लम्बित  विभिन्न मांग-पत्रों के विचाराधीन बिंदुओं पर समन्वित बैठक आयोजित कर समाधान के प्रयास का सुझाव प्रेषित किया गया।  निदेशक एवं संयुक्त शासन सचिव, निदेषालय स्थानीय निकाय विभाग  17.11.15 विचाराधीन है। 
6 निदेशालय स्थानीय निकाय विभाग, राजस्थान सरकार  सफाई कर्मचारियों की वाहन चालक के रिक्त पदों पर उपयुक्तता की जांच व नियमन के संबंध में।

अधिकांष निकायों में वाहन चालकों की कमी के चलते सफाई कर्मचारियों से वाहन चालक का कार्य लिया जा रहा ह।ै पूर्व के ऐसे आदेष है कि 31.12.2008 तक 7 वर्ष का अनुभव रखने वाले सफाई कर्मचारियों के प्रकरण पदौन्नति बोर्ड के समक्ष प्रस्तुत किए जाऐं। यह अवधि 31.122015 तक बढ़ाए जाने व पद्ोन्नति चेनल में ‘क्लीनर‘ के साथ ‘स्वीपर‘ शब्द जोडे़ जाने संबंधी प्रस्ताव प्रेषित किया गया।

 

निदेशक एवं संयुक्त शासन सचिव, निदेषालय स्थानीय निकाय विभाग  17.11.15 प्रक्रियाधीन है। (आयोग की बैठक दिनांक 16.06.2016 मे विस्तृत प्रस्ताव पारित हुआ। बताया गया कि अवधि वृद्धि विभागीय स्तर  पर प्रस्तावित है।)
7 स्वायत्त शासन विभाग, राजस्थान सरकार  राजस्थान नगरपालिका (सफाई कर्मचारी सेवा) नियम 2012 में आंषिक संषोधन कर प्रक्रिया सरल किये जाने के संबंध में मेहतरों (परंपरागत सफाई सेवकों) के जाति प्रमाण पत्र को ही अनुभव प्रमाण पत्र माने जाने एवं पूर्व प्रावधान अनुसार महिलाओं को नियुक्ति में निर्धारित  आरक्षण दिये जाने के संबंध में प्रस्ताव प्रेषित किया गया।
माननीय मंत्री स्वायत्त शासन विभाग, राजस्थान सरकार 
24.11.15 प्रक्रियाधीन है।  (आयोग की बैठक दिनांक 16.062016 में मामला राजस्थान उच्च न्यायालय में अपील के अधीन बताया गया है।)
8 सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग, राजस्थान सरकार 
राज्य सर्फाइ  कर्मचारी वित्त एवं विकास निगम’’ का गठन किये जाने हेतु।
कैन्द्र सरकार की विभिन्न योजनाओं के लाभ सुिनष्चित किए जाने हेतु ‘राज्य सफाई कर्मचारी वित्त एवं विकास निगम‘ का गठन किए जाने का प्रस्ताव प्रेषित किया गया। माननीय मुख्यमंत्री महोदया, राजस्थान सरकार 24.11.15
विचाराधीन है।
9 सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग, राजस्थान सरकार नई योजना प्रस्तावित   "महर्षि वाल्मीकि सफाई कर्मचारी चिकित्सा सहायता योजना" हेतु सुझाव प्रेषित किया गया।  एस.सी. व एस.टी के लिए पभ््राावषील केन्द्र सरकार की ‘‘डा0 अम्बेडकर चिकित्सा सहायता योजना‘‘ की तरह राज्य के कार्यरत सफाई कर्मचारियों के  सेवा से जनित असाध्य रोगों के उपचार हेतु नई ‘‘महर्षि वाल्मीकि चिकित्सा सहायता योजना‘‘ का प्रारूप-प्रस्ताव तैयार किए जाने का अनुरोध किया गया।  माननीय मुख्यमंत्री महोदया, राजस्थान सरकार  24.11.15 विचाराधीन है।
10 सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग, राजस्थान सरकार 
नई योजना प्रस्तावित ‘‘प.ं दीनदयाल उपाध्याय सफाई कर्मचारी मेधावी  पुरस्कार योजना‘‘ हेतु सुझाव प्रेषित किया गया। 
एस.सी. व एस.टी. के माध्यमिक षिक्षा (10वीं) के छात्र-छात्राओं को कैन्द्र सरकार की ‘‘डा0 अम्बेडकर मेधावी पुरस्कार योजना‘‘ के समकक्ष राज्य में सफाई कर्मचारियों के मेधावी छात्र-छात्राओं के लिए ‘‘पं0 दीनदयाल उपाध्याय सफाई कर्मचारी मेधावी पुरस्कार योजना‘‘ का प्रारूप -प्रस्ताव तैयार किए जाने का अनुरोध किया गया। माननीय मुख्यमंत्री महोदया, राजस्थान सरकार  24.11.15 विचाराधीन है।
11 सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग, राजस्थान सरकार  सफाई कर्मचारियों को "कौषल विकास प्रषिक्षण" राज्य सफाई कर्मचारी आयोग के माध्यम से कराये जाने के संबंध में। कैन्द्र सरकार द्वारा प्रवतिर्त योजना के अन्तर्गत ‘‘राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी वित्त एवं विकास निगम‘‘ का घटक ‘‘सफाई कर्मचारियों को कौषल विकास प्रषिक्षण‘‘ राज्य सफाई कर्मचारी आयोग के माध्यम से कराये जाने का प्रस्ताव विधिवत् प्रेषित कर प्रावधान निहित कराये जाने का अनुरोध किया गया माननीय मुख्यमंत्री महोदया, राजस्थान सरकार 24.11.15 विचाराधीन है।
12 कार्मिक विभाग, राजस्थान सरकार प्रथागत सफाई करने वाले व स्वच्छकार परिवारों के षिक्षित बैरोजगारों को सरकारी विभागों में रिक्त स्थानों पर तदर्थ नियुक्तियां प्रदान किये जाने के संबंध में। पूर्व में माननीय मुख्यमंत्री महोदया के आदेषानुपालन में दिनांक 11.05.2007 को कार्मिक विभाग (क-2) द्वारा जारी स्वच्छकार परिवारों के बेरोजगार (पी.जी.) अभ्यर्थीयों को रिक्त स्थानों के विरूद्व योग्यता अनुसार लगाये जाने संबंधी माननीय राजस्थान उच्च न्यायायल जोधपुर के आदेष दिनांक 12 मई 2008 के अनुरूप ‘‘पाॅलिसी‘‘ के रूप में विषुद्व आदेष/अधिसूचना जारी कराये जाने हेतु अनुरोध किया गया। माननीय मुख्यमंत्री महोदया, राजस्थान सरकार 24.11.15 व 18.03.16  प्रक्रियाधीन है। (माननीया मुख्यमंत्री के निर्देष पर कार्मिक विभाग ने सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग से प्रस्ताव प्रस्तुत किए जाने हेत ुपत्र पे्रषित किया है, जिसके संबंध में माननीय मंत्री महोदय से आयोग अध्यक्ष जी की व्यक्तिगत चर्चा हो चुकी है।
13 स्वायत्त शासन विभाग, राजस्थान सरकार  सफाई कर्मचारियों के रिक्त पदों पर नियुक्तियों का समयबद्व कार्यक्रम निर्धारित कर जारी करने हेतु।  सर्फाइ कर्मचारी भर्ती की विभिन्न विसंगतियां व विषमताऐं दूर कर शेष सभी रिक्त पदों पर एकबारीय भर्ती की जाकर बेरोजगारों को रोजगार देने व इससे संबंधित राजकीय लक्ष्यों की पूर्ति के क्रम में समयबद्व कार्यक्रम जारी किए जाने हेतु विस्तृत सुझाव प्रेषित किया गया माननीय मुख्यमंत्री महोदया एवं माननीय स्वायत्त शासन मंत्री महोदय राजस्थान सरकार 24.11.15 विचाराधीन है।
14 स्वायत्त शासन विभाग, राजस्थान सरकार महर्षि वाल्मीकि सामुदायिक भवनों का निर्माण एवं निःषुल्क भूमि आवंटित/आरक्षित कराये जाने हेतु।  सर्फाइ कर्मचारियों की बस्तियों के समीप ’’महर्षि वाल्मीकि सामुदायिक भवनों’’ के लिए भूमि उपलब्ध कराए जाने एवं भवनों के निर्माण हेतु राज्य सरकार के आदेष है, किन्तु उपयुक्त भूमि के चयन के अभाव में आदेषों की पालना नहीं होने से भूमि आवंटन अथवा आरक्षित करने व राज्य निधि से निर्माण का सुझाव प्रेषित किया गया। माननीय मुख्यमंत्री महोदया एवं माननीय स्वायत्त शासन मंत्री महोदय राजस्थान सरकार 24.11.15
विचाराधीन है।
15 स्वायत्त शासन विभाग, राजस्थान सरकार महर्षि वाल्मीकि सामुदायिक भवनों का निर्माण एवं निःषुल्क भूमि आवंटित/आरक्षित कराये जाने हेतु। सर्फाइ कर्मचारियों की बस्तियों के समीप ’’महर्षि वाल्मीकि सामुदायिक भवनों’’ के लिए भूमि उपलब्ध कराए जाने एवं भवनों के निर्माण हेतु राज्य सरकार के आदेष है, किन्तु उपयुक्त भूमि के चयन के अभाव में आदेषों की पालना नहीं होने से भूमि आवंटन अथवा आरक्षित करने व राज्य निधि से निर्माण का सुझाव प्रेषित किया गया। माननीय मुख्यमंत्री महोदया एवं माननीय स्वायत्त शासन मंत्री महोदय राजस्थान सरकार 24.11.15 विचाराधीन है।
16 स्वायत्त शासन विभाग के पस््रताव एवं मंत्रीमण्डल के निर्णय से संबंधित

राजस्थान नगरपालिका अधिनियम, 2009 की धारा 6(1)(क)(पप) के अन्तर्गत नाम निर्दिष्ट किये जाने वाले सदस्यों में सफाई कर्मचारी प्रतिनिधियों को मनोनीत किये जाने के संबंध में।

 

राजस्थान नगरपालिका अधिनियम के एतदसंबंधित प्रावधानों की पालना में नगरपालिकाओं का अनुभव रखने वाले स्थानीय जन प्रतिनिधियों को बोर्ड का सदस्य नाम निर्दिष्ट (मनोनीत) किया जाता है। निकायों में 80 प्रतिषत सफाई कर्मचारी होने से सफाई कर्मचारी प्रतिनिधियों को समानुपातिक रूप से नाम निर्दिष्ट कर सदस्य मनोनीत किये जाने का सुझाव प्रेषित कर अनुरोध किया गया। माननीय मुख्यमंत्री महोदया, राजस्थान सरकार 22.12.15 विचाराधीन है।  
17 समस्त नगर निगम, राजस्थान।  ’’ठोस कचरा प्रबंधन’’ को प्रभावी ढंग से लाग ूकरने हेतु IEC के अन्तर्गत ’’स्वच्छता जमादारों की कार्यषाला’’ की अनिवार्यता के संबंध में। सभी नगर निगमों के महापौर महोदयगणों को सुझाव प्रेषित कर ’’ठोस कचरा पब्रंधन’’ के ’’घर-घर कचरा संग्रहण कार्यक्रम को सफल बनाने हेतु इसकी अहम कड़ी स्वच्छता जमादारों की कार्यषाला आई.ई.सी. प्लान के अन्तर्गत आयोजित कर उन्हें विस्तृत जानकारी दिये जाने का सुझाव प्रेषित किया गया।  समस्त महापौर नगर निगम 13.01.2016  विचाराधीन है।
18 खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग, राजस्थान सरकार  खाद्य सुरक्षा प्रदान कराऐ जाने से संबंधित समावेषन सूची में  परंपरागत सफाईकर्मी व स्वच्छकारों को सम्मिलित किए जाने हेतु। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम, 2013 के अन्तर्गत प्रदेष में शहरी एवं गा्रमीण क्षेत्रों में पात्र व्यक्तियों की पहचान के लिए जारी अधिसचूना की समावेषन सूची में क्रम 14 पर मात्र ‘‘गैर सरकारी सफाईकर्मी‘‘ अंकित ह।ै इसके स्थान पर ‘‘परंपरागत सफाईकर्मी व स्वच्छकार‘‘ शब्द जोडंे जाने संबंधी सुझाव प्रेषित कर  अनुरोध किया गया। माननीय मंत्री महोदया खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग, राजस्थान सरकार 11.3.16 विचाराधीन है।
19 स्वायत्त शासन विभाग एवं वित्त विभाग राजस्थान सरकार  चुंगी पुर्नभरण की न्यूनतम राषि कर्मचारी वेतन भुगतान की राषि के बराबर करने व तद्नुसार वृद्वि किए जाने हेतु। प्राप्त विभिन्न ज्ञापनों के अनुसार वर्तमान में लगभग 20 प्रतिषत निकायों में कर्मचारी वेतन भुगतान समय पर नहीं होने की समस्या है। कर्मचारियों की आवष्यकता के अनुरूप वृद्वि व इससे वेतन भार के कारण आने वाले समय में 50 प्रतिषत से अधिक निकायें, कर्मचारी वेतन भुगतान में सक्षम नही होंगी, ऐसा अनुमान है। इसलिए चुंगी पुर्नभरण की राषि का आकार प्रत्येक निकाय में कर्मचारियों के वेतन भुगतान के बराबर किया जाना व इसे योजना मद में लेकर, समय अनुसार वृद्वि के प्रावधान किए जाने संबंधी सुझाव प्रेषित किया गया। माननीय स्वायत्त शासन मंत्री महोदय, राजस्थान सरकार 07.04.16 विचाराधीन है। 
20 स्वायत्त शासन विभाग, राजस्थान सरकार  नगरीय निकायों की स्वास्थ्य शाखा के पद नामों में स्वच्छ भारत मिषन‘ की कार्य प्रणाली के अनुरूप परिवर्तन किये जाने के संबंध में। स्वच्छ भारत मिषन के दिषा निर्देषों ने समग्र सफाई व्यवस्था व कार्य प्रणाली को नये आयाम दिए है, और माननीय सवोचर््च न्यायालय ने स्थायी याचिका के संदर्भ में बमर्न कमेटी की रिपोर्ट पर ‘ ठोस कचरा प्रबंधन की नीति का निर्धारण कर दिया है। ऐसे में ‘सफाई कर्मचारी‘ ‘सफाई जमादार‘ जैसे पद नाम पुराने प्रतीत होते है। व्यवस्था में आमूलचुल परिवर्तन के साथ इन सभी पदनामों के वर्तमान संदर्भ में परिवर्तन  किये जाने का सुझाव प्रेषित किया गया। माननीय मंत्री महोदया, स्वायत्त शासन विभाग राजस्थान सरकार  16.05.16 विचाराधीन है। 
21 स्वायत्त शासन विभाग, राजस्थान सरकार  दो वर्ष के परिवीक्षाकाल की पूर्णता पर सफाई कर्मचारियों के  स्थाईकरण हेतु।  राजस्थान नगर पालिका (सफाई कर्मचारी सेवा) नियम, 2012 के नियम 11 (4) में स्पष्ट प्रावधान होते हुए भी नगरीय निकायों के अधिकारियों द्वारा मनमानें तरीके अपना कर, दो वर्ष का परिवीक्षाकाल पूर्ण होने पर भी सफाई कर्मचारियों का नियमन/स्थाईकरण नहीं किए जाने से उत्पन्न परिस्थिति के दृष्टिगत दोषी अधिकारियों के विरूद्व कार्यवाही  किया जाना प्रस्तावित किया गया। माननीय मुख्यमंत्री महोदया, एवं माननीय मंत्री महोदय स्वायत्त शासन विभाग, राजस्थान सरकार  16.05.16 प्रक्रियाधीन ह।ै (दिनांक 1606.16 को सम्पन्न आयोग की बैठक में सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित किया गया।
22 स्वायत्त शासन विभाग एवं कार्मिक विभाग  राजस्थान नगरपालिका अधिनियम, 1959 के लागू होने की तिथि 7 सितम्बर को ‘स्वायत्त शासन दिवस  घोषित किए जाने हेतु।  सन् 1951 में ‘राजस्थान टाऊन नगरपालिका अधिनियम‘ प्रभाव में आया, फिर विधानसभा में पारित होने पर महामहिम राष्ट्रपति महोदय के ‘राजस्थान नगरपालिका अधिनियम पर 07 सितम्बर 1959 को स्वीकृति हस्ताक्षर होते ही यह अधिनियम  प्रभावषील हो गया। इस दिनांक 07 सितम्बर को ‘राजस्थान स्वायत्त शासन दिवस‘ घोषित किये जाने का  प्रस्ताव प्रेषित  कर अनुरोध किया गया।  माननीया मुख्यमंत्री महोदया, राजस्थान सरकार  16.05.16 विचाराधीन है।
23 स्वायत्त शासन विभाग, राजस्थान सरकार  सफाई कर्मचारियों की विभिन्न रिक्त पदों पर पद्ोन्नति के लिए राजस्थान नगरपालिका (अधिनस्थ एवं लिपिकवर्गीय सेवा) नियम, 1963 में आंषिक संषोधन किये जाने के संबंध में

नगरपालिका सेवा नियमों में स्वास्थ्य शाखा पृथक श्रेणी में विभक्त है। इसी के अनुरूप पद्ोन्नति का चैनल निर्धारित है। सफाई कर्मचारी की पद्ोन्नति मात्र सफाई जमादार के पद पर होती है, जो वरिष्ठता आधारित है। इस प्रकार जो सफाई कर्मचारी षिक्षित है, उन्हें लिपिकवर्गीय सेवा में अवसर प्राप्त नहीं है। चुंगी समाप्त हो जाने पर भी पद्ोन्नति चेनल पूर्ववत ही है। इसलिए संषोधित  चेनल अधिसूचित करने व षिक्षित सफाई कर्मचारियों को अन्य चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की भांति विभिन्न रिक्त पदों पर पद ्ोन्नति के प्रावधान निहित कर अवसर उपलब्ध कराये जाने का प्रस्ताव प्रेषित कर अनुरोध किया गया।

 

माननीया मुख्यमंत्री महोदया एवं मंत्री महोदय, स्वायत्त शासन विभाग, राजस्थान सरकार 16.05.16 विचाराधीन है। (आयोग की बैठक दिनांक 16.06.16 में चर्चा के बाद निर्णय हअुा, और विभाग द्वारा उपयक्ुत कायर्वाही का आष्वासन दिया गया) 
24 कार्मिक विभाग, राजस्थान सरकार मृतक आश्रितों को नियुक्ति संबंधी नियमों में संषोधन किये जाने  अथवा पृथक नियम प्रभावषील किये जाने हेतु।  राजस्थान मृत सरकारी कर्मचारियों के आश्रितों को अनुकम्पात्मक नियुक्ति नियम, 1996 के नियम 5 की शर्तो के कारण सफाई कर्मचारियों की नियुक्ति में बाधा को समाप्त करने हेतु संषोधन किए जाने  अर्थात् विधवा को देय छूट के समान पात्रता प्रदान करने अथवा सफाई कर्मचारियों के लिए पृथक नियम प्रभावषील किए जाने का प्रस्ताव प्रेषित कर अनुरोध किया गया।  माननीया मुख्यमंत्री महोदया, एवं मंत्री महोदय स्वायत्त शासन विभाग, राजस्थान सरकार 01.06.16 विचाराधीन है।  (आयोग की बैठक दिनांक 16.06.16 में विस्तृत चर्चा के बाद प्रस्ताव पारित किया गया।)
25 स्वायत्त शासन विभाग, राजस्थान सरकार मेन्युअल स्केवेंजिग एक्ट, 2013 को कार्य व्यवहार में लाना।  आयोग के गठन की आज्ञा दिनांक 25.01.03 में एम0एस0 एक्ट 2000 का उल्लेख है। इसलिए आज्ञा में संषोधन कर आयोग द्वारा समीक्षा हतेु, 2013 का एक्ट कार्य व्यवहार में लाने का प्रस्ताव प्रेषिय किया गया। माननीय मंत्री महोदय, स्वायत्त शासन विभाग, राजस्थान सरकार 16.06.16 विचाराधीन है।  (आयोग की बैठक में संषोधन का निर्णय विभागीय अधिकारियों की सहमति से किया गया।) 
26 राज्य मंत्रीमण्डल की बैठक में पुनर्विचार से संबंधित।  बैठक में पुनर्विचार से संबंधित। सफाई कर्मचारियों को सेवा निवृति के बाद चिकित्सा सहायता (मेडिकल डायरी सुविधा) प्रदान करने हेतु।  नगरपालिकाओं के सफाई कर्मचारियों को पेंषन के बाद चिकित्सा सहायता सुविधा दिए जाने से संबंधित पूर्व निर्णय में मंत्रीमण्डल द्वारा पुर्नविचार कर निर्णय किए जाने का सुझाव प्रेषित किया गया।  माननीय मुख्यमंत्री महोदया, राजस्थान सरकार  24.11.16 विचाराधीन है। (दिनांक 1606.16 को आयोग की बैठक में प्रस्ताव के समय विभाग द्वारा आष्वस्त किया गया कि इस संबंध में पनुः विचार हेतु प्रस्ताव तैयार किया जाएगा)
विचाराधीन है।

 

                                        -ः उल्लेखनीय प्रसंग:-

                          पस्रगं: - 01                                                   
विषय वस्तु ‘स्वच्छ भारत मिषन’ की शत-प्रतिषत सफलता हेतु शौचालयों का गुणवत्तापूर्ण सन्निमाणर््ा व नगरीय निकायों द्वारा करवाई जाने वाली दैनंदिनी सार्वजनिक सफाई (त्महनसंतैंदपजंजपवद) की उच्च जनप्रतिनिधि स्तरीय समीक्षा की अनिवार्यता 
प्रसंग का विवरण

i) जनगणना 2011 के आंकड़ो के अनुसार 1800 शौचालय ऐसे पाये गए जिनका मल मानव द्वारा उठाया जा रहा है, 83992 शौचालय ऐसे है, जिनका मल नालियों में बहाया जा रहा है, 4118 शौचालयों का मल जानवर विनष्ट कर रहे है, और 05 लाख 55 हजार 699 संरचनाऐं ऐसी भी है, जिनमें शौचालय ही नही है। 

ii) इसी भाँति सन् 2000 में बने ठोस अपषिष्ठ प्रबंधन-हथलन नियमों के बाद भी व्यतीत 15 वर्षो में नगरीय निकायों में प्रतिदिन उत्पन्न होने वाले 4832 मेट्रिक टन कचरे का निकायें र्काइे प्रबंध नही कर पा रही है।  चुनौती:- आखिर कैसे सभी विभागों, अधिकारी -कर्मचारियों व जनता में समन्वय हो कि परिणाम दृष्टिगत हो सके ?

 

गंभीरता का कारण  
‘स्वच्छ भारत मिषन’ की सफलता हेतु शौचालयों का हर घर में निर्माण व प्रभावी दैनिक सफाई आवष्यक है। यह परिणामजन्य कैसे हो ?
निवारण क्षत्रेीय विधायक ही एक मात्र एैसे जन प्रतिनिधि है, जो समीक्षा भी कर सकते है, और लक्ष्यों की प्राप्ति भी समयानुसार करा सकते है। इसी अपेक्षा के साथ आयोग अध्यक्ष जी द्वारा दिनांक 13.12.2015 को राजस्थान के सभी माननीय विधायकगणों को ‘आग्रह-पत्र’ लिखे गए 
परिणाम व स्थिति जहाँ-जहाँ भी रूचि प्रदर्षित हुई, वहाँ-वहाँ सुखद स्थिति का निर्माण हो रहा है। कुछ माननीय मंत्रीगणों एवं विधायकों के प्रत्युत्तर भी प्राप्त हुए, उन्होंने इस प्रयास की प्रषंसाकी व सहयोग प्रदान करने का भरोसा दिलाया। 

  पस्रगं: - 02

        विषय वस्तु                     सफाई कर्मचारियों के मृतक आश्रितों की नियुक्ति संबंधी नियमों में विसंगति।                                
प्रसंग का विवरण नगर निगम बीकानेर में वर्ष 2011 में एक सफाई कर्मचारी महिला की नगर निगम सेवा मे ंरहते मृत्यु हो गई। उसके पति भी नगर निगम सेवा में थे, जो 2001 में ऐच्छिक सेवा-निवृति लेकर पेंषन प्राप्त कर रहे है। परिवार में तीन बेटे है, सभी बेरोजगार है। एक बेटे ने मृतक आश्रित के रूप में नौकरी हेतु आवेदन किया। पिता पेंषन धारक होने से प्रकरण कार्मिक विभाग तक गया, और कार्मिक विभाग ने व्यवस्था दी कि पिता के पेंषन लाभ लेने से मृतक माता का आवेदक पत्रु ‘पूर्णतया’ आश्रित नही है। संबंधित द्वारा सघन पत्राचार के बाद भी परिणाम सकारात्मक नही आए। आयोग अध्यक्ष जी के समक्ष परिवेदना 2016 में प्रस्तुत हुई। चुनौती:- कार्मिक विभाग के नकारात्मक निष्कर्ष के बाद, पेंषन धारक पिता के पुत्र को माता की मृत्यु के बाद कैसे आश्रित माना जाए ? 
गंभीरता का कारण मृतक के परिवार का पेंषन से गुजारा नही ंहो रहा है, इसलिए मृतक माता के रिक्त स्थान पर उनके आश्रित पुत्र की नियुक्ति ही परिवार को आर्थिक संकट से मुिक्त दिला सकती है। 
निवारण नियमों के अध्ययन के बाद एक उपाय प्रकाष मे ंआया कि ऐसे आपवादिक मामलों में नियम 10 के अन्तर्गत यदि नियोक्ता, कार्मिक विभाग से छूट प्रदान करने की कार्यवाही प्रस्तावित करे तो प्रकरण में नियुक्ति व समाधान का मार्ग प्रषस्त हो सकता है। नगर निगम आयुक्त को पत्र लिखा गया, और मामला माननीय महापौर जी के ध्यान में भी लाया गया। 
परिणाम व स्थिति आवेदक न ेपनुर्विचार अभ्यावेदन नगर निगम में प्रस्तुत कर दिया है। नगर निगम द्वारा अब मार्गदर्शन के बजाय छूट हेतु प्रकरण कार्मिक विभाग को प्रेषित किया जायेगा। 

 

  पस्रगं: - 03

              विषय वस्तु                     सफाई कर्मचारियों को सामुदायिक सुविधाओं के लिए निःशुल्क भूमि का आवंटन।                   
प्रसंग का विवरण जोधपुर में आयोजित संभागीय समीक्षा बैठक में सफाई कर्मचारियों की सामुदायिक सुविधाओं के लिए निःषुल्क भूमि एवं भवन का लम्बित प्रकरण प्रकाष में आया। निगम क्षेत्र में भूमि उपलब्ध होते हुए भी निःष ुल्क आवंटन एवं उसकी नीति में वर्णित प्रक्रिया की पालना व मापदंड की पूर्ति नही होने से निगम द्वारा निर्णय संभव नहीं हो पा रहा था। चुनौति:- भूमि आवंटन की नीति- 2015 प्रभावषील है जिसके अनुसार पंजीकृत संस्था का होना, उसके तीन वर्ष पूर्व से सक्रिय    होना, अंकेक्षित लेखा-जोखा इत्यादि अनिवार्य है। सफाई कर्मचारियों की एक से अधिक संस्थाओं क ेदावेदार होते यदि आवंटन हो तो किसके नाम हो, ऐसे कई प्रष्न उपस्थित थे। 
गंभीरता का कारण जोधपुर जैसे शहर में सफाई कर्मचारियों की सामुदायिक गतिविधियों व सुविधाओं के लिए सर्वसुविधायुक्त सामुदायिक भवन का होना नितांत आवष्यक है।
निवारण आयोग के अध्यक्ष महोदय ने समाधान किया कि सामुदायिक भवन के लिए उक्त परिस्थितियां ेमें भूमि आवंटन के स्थान पर आरक्षित कर दी जाए, ताकि भूमि व भवन निर्वादित रूप से सभी के समान उपयोग में आ सके।
परिणाम व स्थिति

नगर निगम जोधपुर की बठैक में सामुदायिक भवन के लिए भूिम आरक्षित कर दी गई है और 50 लाख की लागत से निर्माण का बजट भी स्वीकृत हो गया है। जोधपुर नगर निगम के महापौर जी व सफाई कर्मचारी संगठनों के पदाधिकारियों ने आयोग के अध्यक्ष जी को इस समस्या के समाधानित होने पर फोन व पत्रों द्वारा बधाई दी व आभार जताया।

 

  पस्रगं: - 04 

               विषय वस्तु                        सफाई कर्मचारियों की भर्ती में चयन के बाद नगरपालिका बोर्ड राजाखेड़ा (धोलपुर) द्वारा चयन सूची को निरस्त किया जाना।              
प्रसंग का विवरण

राज0 न0 पा0 (सफाई कर्मचारी सेवा) नियम, 2012 व इससे संबंधित स्वायत्त शासन निदेषालय के आदेषों के अन्तगर्त गठित चयन समिति ने निर्धारित प्रक्रिया अपना कर पात्रता के आधार पर चयन की प्रक्रिया सम्पन्न की, किन्तु नियुक्ति पत्र जारी होने से पूर्व नगरपालिका के चुनाव हो गए, और बोर्ड बदल गया। नगर पाालिका बोर्ड ने बैठक कर पूर्व बोर्ड के समय की चयन सूची को निरस्त कर दिया। कुछ कर्मचारियों ने मान0 राज0 उच्च न्यायालय में याचिका दायर की। निर्णय हुआ कि याचिकाकर्ता सक्षम प्राधिकारी के समक्ष अभ्यावेदन प्रस्तुत करें। चयनीत कर्मचारियों ने जो भी कार्यवाही की वह नगरपालिका अधिकारी तक ही सीमित रही, या जो प्रतियाँ उच्चाधिकारियों तक पहँुची वे महज आवेदन व षिकायत के रूप में थी, कोर्ट के निर्णय के अनुसार अभ्यावेदन ;त्मचतमेंदजंजपवदद्ध की शक्ल में नहीं। मामला 2016 में आयोग अध्यक्ष जी के समक्ष प्रस्तुत हुआ।    

चुनौती:- सफाई कर्मचारी भर्ती के नियम प्रभावषील है, जिनमें चयन की प्रक्रिया व स्वायत्त शासन विभाग के आदेषों में चयन समिति गठन किये जाने के प्रावधान है, किन्तु अध्यक्ष व अधिकारी के माध्यम से नियोक्ता बोर्ड है। तो क्या बोर्ड चयन की प्रक्रिया संपन्न हो जाने पर आर्थिक कारणों के उल्लेख से उसे नियमानुसार निरस्त करने की शक्ति रखता है ? 

गंभीरता का कारण चयन हो जाने पर भी 78 सफाई कर्मचारियों का भविष्य अंधकार में है। इनमें से 12 सफाई कर्मचारियों के संबंध में दिया गया माननीय राजस्थान उच्च न्यायालय का निर्णय बोर्ड द्वारा चयन सूची निरस्त किए जाने से प्रभावित हो गया है। चयन समिति को पूरी प्िरक्रया अपना कर चयन सूची जारी करने का पूर्ण अधिकार है और इसके बाद नया बोर्ड गठित हो जाने से चयन सूची को निरस्त किया जाना अनुचित है
निवारण अध्यक्ष महोदय ने अध्ययन के बाद अधिषाषी अधिकारी केस्थान पर राज्य सरकार के स्वायत्त शासन विभाग प्रमुख के समक्ष अभ्यावेदन प्रस्तुत करने का परामर्ष दिया और मामले की तिथि वार माॅनिटरिंग की। 
परिणाम व स्थिति

स्वायत्त शासन विभाग द्वारा मान0 राज0 उच्च न्यायालय के आदेष के संदर्भ में अधिकारी को नियुक्ति आदेष जारी करने हेतु    

आदेषित कर दिया गया है। वर्तमान में निदेषालय स्थानीय निकाय विभाग द्वारा मामला पुनः बोर्ड में रख कर समाधान कराने के निर्देषों के अन्तर्गत नगर पालिका स्तर पर लम्बित है किन्तु अब नियमानुसार पूर्णतः समाधानित हो गया है। अब मात्र नियुक्ति पत्र जारी किये जाने है जो कार्यवाही अधिषाषी अधिकारी स्तर पर सम्पन्न हागेी। इस प्रकार सफाई कर्मचारियों को न्याय मिलना सुनिष्चित हो गया है। राजाखेड़ा व अन्य सफाई कर्मचारी संगठनों ने आयोग अध्यक्ष जी द्वारा नियमों की व्याख्या करते हुए दी गई व्यवस्था का सम्मान किया व प्रषंसा करते हुए आभार जताया। 

 पस्रगं: - 05

 

                  विषय वस्तु                 सफाई कर्मचारियों के आराध्य गुरू ‘महर्षि नवल साहेब’ का नाम कैन्द्र सरकार की ‘संतों की जयंती’ योजना में सम्मिलित कराए जाने के प्रयास।                                
प्रसंग का विवरण कैन्द्र सरकार की विभिन्न योजनाओं का अध्ययन करते समय एक योजना प्रकाष में आयी जिसके अनुसार महान संतो की जयंती के कार्यक्रम आयोजित करने हेतु कैन्द्र सरकार द्वारा आर्थिक सहायता प्रदान किये जाने का प्रावधान है। इस योजना के लिए कैन्द्र सरकार द्वारा संतो की सूची जारी की हुई है, जिसमें संत कबीर, गुरू रविदास, महात्मा ज्योतिबा फुले जैसे नाम है। अध्यक्ष महो0 ने इसके महत्त्व को समझा, और स्वप्रेरणा से मान0 मंत्री सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग भारत सरकार को संबोधित एक प्रस्ताव प्रेषित कर इस सूची में सफाई कर्मचारियों के आराध्य गुरू ‘महर्षि नवल साहेब’ का नाम जोड़े जाने का अनुरोध  किया। चुनौती:- कन्ेद्र सरकार द्वारा योजना प्रभावषील करते समय ही संतो के नामों को योजना के प्रारूप में सम्मिलित कर लिया गया है। इस सूची में नाम जुडवाना एक विषम प्रक्रिया है।
गंभीरता का कारण सफाई कर्मचारियों के विभिन्न सम्मेलनो ंमें महर्षि नवल साहेब की शासकीय मान्यताओं को लेकर सुझाव आते रहे है। श्री नवल साहेब अखण्ड भारत अर्थात पाकिस्तान सहित सफाई कर्मचारी समाज के आराध्य गुरू व श्रृद्धा का कैन्द्र है। यदि महर्षि नवल साहेब का नाम राष्ट्रीय स्तर पर निर्णय कर संतो की सूची में सम्मिलित किया जाता है तो इससे सफाई कर्मचारियों में हर्ष एवं श्रृद्धा का भाव व्याप्त होगा। 
निवारण मामले के धार्मिक महत्त्व के दृष्टिगत अध्यक्ष महो0 ने कैन्दी्रय मंत्री महोदय से स्वयं मिलने का निष्चय किया। दिल्ली में मंत्री जी से व्यक्तिषः चर्चा हुई, और वे प्रकरण के परीक्षण हेतु सहमत हो गये। 
परिणाम व स्थिति कैन्द्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री महोदय के इस संबंध में आयोग कार्यालय में अब तक दो पत्र प्राप्त हो चुके है अर्थात् सफाई कर्मचारियों के सर्वमान्य गुरू महर्षि नवल साहेब को राष्ट्रीय स्तर पर संतो की सूची में सम्मिलित किए जाने की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। महर्षि नवल साहेब के लिए की जा रही उक्त कार्यवाही की जानकारी मात्र से ही प्रदेष के सफाई कमर्चारियों में एकछत्र हर्ष व्याप्त है। सफाई कर्मचारियों के सामाजिक व धामिर्क संगठनों की ओर से इस हेतु अध्यक्ष जी को निरन्तर आभार पत्र प्राप्त हो रहे है। 

 पस्रगं: - 06

                   विषय वस्तु              स्वच्छ भारत मिषन के दिषा-निर्देषों के अन्तर्गत शौचालयों के सन्निर्माण में राजस्थान राज्य के लक्ष्य प्राप्त नहीं कर पाने संबंधी समाचार। 
प्रसंग का विवरण दैनिक भास्कर समाचार पत्र के दिनांक 07 जनवरी 2016 के अंक में राजस्थान राज्य के ’’स्वच्छ भारत मिषन’’ क ेअन्तर्गत शौचालयों के सन्निर्माण में लक्ष्यों को प्राप्त नहीं किये जाने को लेकर समाचार प्रकाषित हानेे पर, समाचार की प्रति संलग्नकर सभी जिला कलक्टरों को लक्ष्य प्राप्ति की युक्ति सुझाते हुये पत्र प्रेषित किये गये।
गंभीरता का कारण स्वच्छ भारत मिषन की शत-प्रतिषत सफलता के लिये प्रत्येक गृह संरचना में जलवाही शौचालय का होना नितांत अनिवार्य है। 
 
परिणाम व स्थिति पत्र प्राप्त होने पर कार्य में गतिषीलता आयी। कई जिला कलक्टरों ने पत्र लिख कर प्रगति एवं इस दिषा मंे संबंधित को आवष्यक निर्देष प्रदान कर अवगत कराया। 
क्र.सं0 योजना का प्रस्तावित नाम विवरण (कारण एवं उद्देष्य) कार्यकारी विभाग
1            2           3        4
1 ’’महर्षि वाल्मीकि सफाई कर्मचारी चिकित्सा सहायता योजना’’

कारणः-स्थानीय निकायों में कार्यरत सफाई कर्मचारी, प्रतिदिन धूल-मिट्टी व गंदगीयुक्त कार्य करने से प्रायः मेरूदण्ड, घुटनों के दर्द, हृदय रोग, यकृत आदि रोगो से संबंधित बिमारियों से ग्रसित रहते है, जिनका एकमात्र उपचार शल्यक्रिया (ऑपरेषन) है। यह अत्यन्त खर्चीला होने व सफाई कर्मचारी अल्प वेतन भोगी होने से उपचार नहीं करा पाते है। यही कारण है कि इनकी औसत आयु 65-70 वर्ष होती है। इस हेतु केंद्र सरकार की ’डा0 अम्बेडकर चिकित्सा सहायता योजना’ है, किंतु उसमे आय सीमा एक लाख रू0 होने से इसका लाभ कार्यरत सफाई कर्मचारियों को नहीं मिल पा रहा है।

उद्देष्यः-राजकीय एवं प्रतिष्ठित निजी अस्पतालों में यदि उक्त प्रयोजन हेतु संबंधित जॉंच, ऑपरेषन एवं दवा की निःशुल्क अथवा व्यय पुर्नभरण की व्यवस्था प्रस्तावित योजना के माध्यम से होती है तो सफाई कर्मचारी समुदाय में अच्छा संदेष जाएगा, और वे लाभान्वित होंगें।

सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग, राजस्थान सरकार
2 ’’ पं0 दीनदयाल उपाध्याय सफाई कर्मचारी मेघावी पुरस्कार योजना ’’

कारणः- माध्यमिक षिक्षा (10वीं) व उच्च माध्यमिक षिक्षा (12वीं) के मेधावी छात्र-छात्राओं के लिए केन्द्र सरकार की ’ डा0 अम्बेडकर मेधावी पुरस्कार व योग्यता सम्बंधी योजनाए है, किंतु ये एस.सी, एस.टी. के लिए होने से सफाई कर्मचारी वर्ग अन्योन्य कारणों से इसके लाभ से वंचित हैं। उल्लेखनीय यह भी है कि राज्य सरकार की षिक्षा के इस प्रकार प्रोत्साहन से संबंधित सफाई कर्मचारियों (स्वच्छकारों) के लिए कोई पृथक योजना संचालित नहीं है।

उद्देष्यः- उच्च स्तर पर प्रचारित कर यदि प्रस्तावित योजना प्रभावषील की जाती है तो सफाईकर्मी समुदाय के बच्चे षिक्षा के प्रति उत्साहित-प्रोत्साहित होंगे।

सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग, राजस्थान सरकार
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