History/City Profile

-परिचय-

      बीदासर नगर राजस्‍थान के उतर में जिला मुख्‍यालय चूरू से 100 कि.मी.दूर जिले के दक्षिण-पश्चिम दिशा में,सम्‍भागीय मुख्‍यालय बीकानेर से 112 कि.मी.एवं राज्‍य की राजधानी जयपुर से 225 किलोमीटर की दूरी पर उतर-मश्चिम दिशा में स्थित  हैा प्रशासनिक द़ष्टि से यह  चूरू जिले का तहसील मुख्‍यालय है एवं यहां  'डी'  श्रेणी की नगर पालिका स्थित हैा यहां का उप जिला खण्‍ड 500 मीटर व तहसील मुख्‍यालय 1 कि.मी. दूरी पर हैा बीदासर का जनगणना -2011 के अनुसार 35709 है  बीदासर में कोई रेलवे स्‍टेशन नहीं है समीपस्‍थ रेलवे स्‍टेशन 17 कि.मी. की  दरी पर छापर रेलवे स्‍टेशन हैा बीदासर राज्‍य राजमार्ग -20 (सीकर-नोखा) तथा मुख्‍य जिला मार्ग-38 पर स्थित होने के कारण राज्‍य के अन्‍य नगरो यथा नोखा,छापर,सुजानगढ एवं डूंगरगढ आदि से सडक मार्ग दवारा भली-भांति जुडा हुआ है तथा देश की राजधानी दिल्‍ली से 470 कि.मी. की दूरी पर स्थित है यह माध्‍य समुद्र तल से लगभग 304 मीटर की उँचाई पर बसा हुआ है तथा थार रेगिस्‍ताज में ''27'49'' उतरी अक्षांश एवं ''74ं18'' पूर्वी देशान्‍तर पर हैा

ईतिहास

बीदासर के ऐतिहासिक साक्ष्‍यों के अनुसार संवत् 1532 में कुंवर बीदोजी ने द्रोणपुर एवं छापर जीत कर द्रोणपुर से अलग हटकर अपना गढ बीदासर नामक नये ग्राम की स्‍थापना की एवं अपना निवास भी बीदासर में ही रखा इस प्रकार राठौडी आन की साक्षात  प्रतिपूर्ति विजय के दर्प से गर्वोन्‍नत बीदोजी जैसे नरकेसरी की कर्मस्‍थली बीदासर को  इतिहास  का सुदुर्लभ गोरव प्राप्‍त है बीदासर की स्‍थापना के बाद ही राव राजा बीदोजी के आहवान पर सभी जातियों एवं धर्मोे के लोग आकर बीदासर में बसने लगे 

सामाजिक /सांस्‍कृतिक/धार्मिक/ऐतिहासिक

बीदासर में सामाजिक सांस्‍कृतिक गतिविधियां सामान्‍य स्‍तर की होने के कारण विभिन्‍न समुदायों के व्‍यक्ति नगर में उपलब्‍ध रिक्‍त स्‍थलों में कार्यक्रम आयोजित करते है यहां वर्ष में एक बार गणगौर का मेला माह चैत्र में तथा तीज का मेला माह श्रावण मे लगता है इसके अतिक्ति विभिन्‍न समूदायों के धार्मिक त्‍योहार नगर में हर्षोल्‍लास से मनाये जाते है नगर के विभिन्‍न स्‍थानों पर हिन्‍दु व मुस्लिम धर्म समुदायों के अनेक मंदिर ,मस्जिद  इत्‍यादि धार्मिक स्‍थल है उनमें स्‍थानीय लोग पुजा व इबादत करते है यहां पर 49 मन्दिर एवं 11 मस्जिद है मन्दिरो में मुख्‍य रूप से शिव , हनुमान, दुर्गा माता, नामदेव, सिद्धि विनायक, करणी माता मन्दिर व शीतला माता का मन्दिर प्रमुख हैं जो कि नगर के विभिन्‍न में यथा वार्ड नं. 1,2,3,4,5,8,9, व 15 में स्थित है नगर में 11 मस्जिदें है जिनमें वार्ड न.12 में नगीना मस्जिद , वार्ड न.10 में मस्जिद कुबा व कलन्‍दरी मस्जिद मस्जिद वार्ड न. 11 में जुमा मस्जिद , 17 में मदिना मस्जिद ,  वार्ड नं.14 में मक्‍का मस्जिद , 21 में तकुआ मस्जिद , वार्ड नं. 22 में मस्जिद अक्‍सा , वार्ड न. 23 में जकरीया मस्जिद , वार्ड न. 25 में मोहम्‍मदी मस्जिद व मस्जिद अबुबकर है नगर में चर्च व गुरूद्वारा स्थ्ति नहीं है ऐतिहासिक महत्‍व के स्‍थलों के अन्‍तर्गत यहां बीदासर का किला स्थित है उपरोक्‍त समस्‍त स्‍थलों के अन्‍तर्गत लगभग 0.28 एकड भुमि विधमान है  


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Webpage Last Updated on : Mar 18, 2016