Functions/Responsibilities

Functions/Responsibilities Functions/Responsibilities

a)   Function of Municipalty

1. मुख्य नगरपालिक कृत्य.- (1) प्रत्यके नगरपालिका का कर्तव्य होगा कि वह अपने नगरपालिक क्षेत्र के भीतर निम्नलिखित मामलों के लिए युक्तियुक्त उपबंध और समुचित व्यवस्था कर,े अर्थात्ः- भाग 4 (क) राजस्थान राज-पत्र, सितम्बर 11, 2009 9 (75) 

(क) लोक स्वास्थ्य, स्वच्छता, संरक्षण, ठोस अपषिष्ट प्रबन्ध, जल-निकास और मल-वहन, सावर्ज निक मार्गो,ं स्थानों तथा मलनालियों और ऐसे स्थानों, जो निजी सपंति नहीे हों और जो जनता के उपयोग के लिए खुले हांे, चाहे ऐसे स्थान नगरपालिका मे ं निहित हों या नही,ं की सफाई,ं हानिपूर्ण वनस्पति को हटाना और सभी लाके न्यूसेंसों को समाप्त करना, 

(ख) गदंगी, कूडा़ करकट, विष्ठा, दुर्गन्ध या किसी भवन या भवनों में या उनसे सबंधित शौचालया,ें तहारता,ें मूत्रालया,ें मलकूपों या ऐसे पदार्थों को डालने के लिए अन्य सामान्य पात्रों से किसी अन्य हानिकारक या घृणोत्पादक पदार्थ को हटाना;

(ग) सार्वजनिक मार्गो,ं स्थानो ं और श्वनों में रोषनी की व्यवस्था करना;

(घ) आग बुझाना और आग लगने पर जीवन तथा सम्पत्ति की संरक्षा करना;

(ङ) घृणोत्पादक या खतरनाक व्यापारों या व्यवसायों को विनियमित करना;

(च) सार्वजनिक मार्गों या स्थानों तथा उन जगहों म,ें जो निजी सम्पत्ति नही ं है ं और जो जनता के उपयागे के लिए खुली हैं, चाहे ऐसी जगहें नगरपालिका में निहित हों या न हा,े बाधाओं तथा बहिर्गत भागों को हटाना, 

9 (76) राजस्थान राज-पत्र, सितम्बर 11, 2009 भाग 4 (क) (छ) खतरनाक भवनों या स्थानों को सुरक्षित करना या हटाना तथा अस्वास्थ्यकर परिक्षेत्रों का पुनरूद्धार करना, (ज) मृतकों तथा मृत जानवरों के शवा ें के निर्वतर्न के लिए स्थानों का अर्जन, अनुरक्षण, परिवर्तन तथा विनियमन करना, (झ) सावर्ज निक मार्गांे, पुलियाआ,ें नगरपालिक सीमा चिह्ना,ें बाजारा,ें वधषालाआ,ें नालिया,े ं मलनालिया,ें जलनिकास सकं र्मों, मलनाली सकं र्मो,ं स्नानागारा,ें धोने  के स्थाना,ें पये -जल स्रोता,ें तालाबा,ें कंुआ,ें बांधों और तत्समान अन्य सकंर्मों का निर्माण करना, उनमें परिर्वतन करना तथा उनका अनुरक्षण करना;

(ञ) सार्वजनिक तहारता,ें शौचालया,ंे और मूत्रालयों का निर्माण करना;

(ट) मार्गों का नामकरण आरै घरों का सख्ंयाकं न करना;

(ठ) जन्म और मृत्यु का पजंीकरण करना;

(ड) नगरपालिका के भीतर ऐसे कुत्तों के परिराध्ेा और परिरक्षण के लिए व्यवस्था करना, जिनके सबंध्ंा में इस अधिनियम की धारा 249 के अधीन कार्रवाई की जानी है;

(ढ) इस अधिनियम के प्रयाजेनों के लिए या किसी नगरीय सम्पत्ति की सुरक्षा के लिए नगरपालिका द्वारा यथा-अपेक्षित पुलिस अधिकारियांे के मद्धे वेतन का और उनके आर्किस्मक व्यय का भुगतान करना और ऐसा स्थान उपलब्ध कराना जो भाग 4 (क) राजस्थान राज-पत्र, सितम्बर 11, 2009 9 (77) पुलिस से सबंधित प्रवृत्त विधि के अधीन राज्य सरकार द्वारा अपेक्षित किया जाये;

(ण) व्यक्तियों की संरक्षा, सम्पत्ति की सुरक्षा आरै लाके सुरक्षा के सबंध्ंा में ऐसे कृत्य और कतवर््य, जो विहित किये जाय,ें करने के लिए स्वयंसेवी बल का गठन करना, (त) विष्ठा और कडू़ाकरकट से कम्पोस्ट खाद तैयार करने के लिए व्यवस्थाए ं करना, (थ) काजंी हाउस स्थापित करना और उनका रख-रखाव करना,(द) जनसख्ंया नियन्त्रण, परिवार कल्याण और छोटेे परिवार के मानकांे को बढ़ावा देना, (ध) आर्थिक विकास और सामाजिक न्याय के लिए योजनाए ं तैयार करना, (न) सडक़ा,ें फुटपाथा,ें पैदल रास्ता,ें यात्रियों और माल, दोनो  के लिए परिवहन टमिर्नला,ें पुला,ें ओवर-ब्रिजा,ें सब-व,े फेरीज के निर्माण और रख-रखाव सहित सचंार प्रणाली और आन्तरिक जल परिवहन प्रणाली स्थापित करना, (प) यातायात अभियात्रिकी याजे नाआ,ें मार्ग-फर्नीचर, पाकिर्गं क्षेत्रो ं और बस स्टाॅप सहित परिवहन प्रणाली उपागं तैयार करना, (फ) मानव बस्ती के लिए नये क्षेत्रों के याजे नाबद्ध विकास के लिए व्यवस्था करना

9 (78) राजस्थान राज-पत्र, सितम्बर 11, 2009 भाग 4 (क)

(ब) उद्यान एव ं झरने स्थापित करक,े मनोरजं न क्षेत्रों की व्यवस्था करक,े नदी के किनारों को संवार कर और भ-ू दृश्य चित्रण द्वारा नगरीय क्षेत्र के सौन्दर्यकरण के लिए उपाय करना, (भ) समुदाय के लिए महत्वपणर््ूा आकंडो़ं और डाटा का सग्रह करना, (म) जिला या क्षेत्रीय विकास योजना, यदि कोई हो, के साथ नगरीय क्षेत्र की विकास योजनाओं और स्कीमों को समेिेेेेेेेेेेेेेेेेकत करना, (य) शैक्षणिक, खले सबध्ंाी और संास्कृतिक गतिविधियों को बढ़ावा देना; (यक) नगरपालिका के वित्त और उसके द्वारा हाथ में लिए गये विकास कार्य आरै अन्य गतिविधिया ें के बारे में तात्विक और महत्वपणर््ूा सूचनाए ं हितधारकों और आम जनता का े प्रकट करना; (यख) पषुओं के प्रति क्रूरता का निवारण सुनिष्चित करने के लिए कदम उठाना; और (यग) इस अधिनियम के द्वारा या अधीन या तत्समय प्रवृत्त किसी अन्य विधि के अधीन यथा-उपबंिधत अन्य कानूनी या नियामक कृत्यों का पालन करना, (2) नगरपालिका अपनी प्रबन्धकीय, तकनीकी, वित्तीय और सगं ठनात्मक क्षमता और नगरीय क्षेत्र म ें विद्यमान वास्तविक दषाओं को भाग 4 (क) राजस्थान राज-पत्र, सितम्बर 11, 2009 9 (79) ध्यान में रखते हुए पूर्वोक्त में से किन्ही ं कृत्यों को नही ं करन,े या उनकी पालना को स्थगित करने का विनिष्चय कर सकेगी। (3) राज्य सरकार नगरपालिका को यथापूर्वोक्त में से किन्ही ं कृत्यों का, यदि ऐसे कार्य का जिम्मा नगरपालिका द्वारा नही ं लिया गया है या उसके द्वारा स्थगित कर दिया गया है, पालन करने का निदेष दे सकेगी, (4) नगरपालिका यथापूर्वोक्त कृत्यों मे ं से किसी के भी निर्वहन केेे लिए अपेेक्ष्ेिात अवसरचंना की, या तो स्वयं या धारा 154 में निर्दिष्ट करार के अधीन किसी भी अभिकरण के माध्यम से, योजना बना सकेगी, उसका सन्निर्माण, प्रर्वतन, रख-रखाव या प्रबध्ंा कर सकेगी।

2. अन्य नगरपालिक कृत्य.- नगरपालिका अपने मुख्य कृत्या,ें जो नगरपालिक निधि पर प्रथम प्रभार होगेे के 

संतोषप्रद निष्पादन को ध्यान में रखते हुए और अपनी पब्रध्ंाकीय, तकनीकी और वित्तीय क्षमताओं के अध्यधीन रहते हुए, निम्नलिखित में से किन्ही ं भी कृत्यों का जिम्मा ले सकेगी, उनका निष्पादन कर सकेगी या उनके निष्पादन को प्रोत्साहित कर सकेगी, अर्थात्ः- 

(प) पर्यावरण सरं क्षण के क्षेत्र में

(क) बजंर भूिमयों को उपजाऊ बनाना, सामाजिक वानिकी को प्रोन्नत करना और खुले स्थानों का रख-रखाव करना, ख) पौधा,ें सब्जियों और वृक्षों के लिए पौधषालाओं की स्थापना और रख-रखाव और जन सहभागिता के माध्यम से हरियाली की वृद्धि, (ग) पुष्प-प्रदर्षनिया ें का आयाजे न और नागरिक संस्कृति के रूप में फलू उगाने को बढ़ावा देना और 

9 (80) राजस्थान राज-पत्र, सितम्बर 11, 2009 भाग 4 (क)

(घ) प्रदष्ूाण के सभी स्वरूपों के निवारण के लिए उपायों को प्रोत्साहित करना।

(पप) लेाक स्वास्थ्य और स्वच्छता के क्षेत्र मे-

(क) सक्रंामक बीमारियों के उन्मलू न के लिए जन टीकाकरण अभियान, (ख) अस्वास्थ्यकर परिक्षेत्रों का उद्धार, 

(ग) सभी सार्वजनिक तालाबों का रख-रखाव और सभी निजी तालाबा,ें कुओं और जलापूिर्त के अन्य स्रोतों के 

पुर्न उत्खनन, मरम्मत और रख-रखाव का ऐसी शर्तो ं और निबध्ंानों पर, जिन्हें नगरपालिका ठीक समझे, 

विनियमन; और (घ) प्रवचना,ें सेमीनारों और सम्मलेनों के माध्यम से लोक स्वास्थ्य और सामान्य कल्याण की 

नागरिक चेतना की प्रोन्नति, (पपप) षिक्षा और संस्कृति के क्षेत्र में (क) नागरिक षिक्षा, प्राढै ़ षिक्षा, सामाजिक 

षिक्षा और अनौपचारिक षिक्षा की प्रोन्नति; (ख) सगंीत, शारीरिक षिक्षा, खले कदू और थियटेर सहित 

सांस्कृतिक क्रियाकलापों की और उनके लिए अवसंरचना की प्रोन्नति; (ग) नगरीय जीवन में विज्ञान आरै 

प्राद्यैागिकी की अभिवृद्धि; (घ) नगरपालिक पत्रिकाआ,ें नियतकालिक पत्रिकाओं और स्मारिकाओं का प्रकाषन, 

पुस्तकों का क्रय और पत्रिकाआ,ें मेगजीनों और समाचार पत्रों का ग्राहक बनना; 

भाग 4 (क) राजस्थान राज-पत्र, सितम्बर 11, 2009 9 (81)

(ङ) समुचित रीति से मूिर्तया,ं चित्र और तस्वीर स्थापित करना;

(च) कला-दीर्घाओं और वानस्पतिक या प्राणी सगं्रहों की व्यवस्था, स्थापना और रख-रखाव;

(छ) ऐतिहासिक, कलात्मक और अन्य महत्व के स्थानोंऔर संस्मारकों का परिरक्षण और रख-रखाव; आरै

(ज) सावर्जनिक पुस्तकालया,ें सग्रहालया,ें वाचनालया,ें पागलखाना,ें सभा-भवना,ें कार्यालयों का सनिर्माण, स्थापना, रख-रखाव करना या रख-रखाव में योगदान करना; ;पअद्ध लाके कल्याण के क्षेत्र में

(क) सख्ूाा, बाढ,़ भकूम्प या अन्य प्राकृतिक या प्रौद्याेिगकी आपदाओ के समय आश्रयों की स्थापना और रख-रखाव आरै नगरपालिक क्षेत्र की सीमाओं के भीतर निराश्रित व्यक्तियों के लिए राहत कार्य; 

(ख) अस्पताला,ंे औषधालया,ें आश्रयो,ं उद्धार गृहा,ें प्रसूित गृहों और बाल कल्याण कन्ेद्रों का सनिर्माण या रख-रखाव या उनकी सहायता के लिए प्रावधान;

(ग) बेघरांे के लिए आश्रयों का प्रावधान;

(घ) हाथ-सफाई कर्मियों और उनके परिवारों की मुक्ति और पुनर्वास के लिए कायक्र्रमों का क्रियान्वयन;

(ङ) सामुदायिक कल्याण के लिए स्वैच्छिक श्रम की व्यवस्था और स्वैच्छिक सगंठनोें के क्रियाकलापा ें का समन्वय; और

9 (82) राजस्थान राज-पत्र, सितम्बर 11, 2009 भाग 4 (क) 

(च) ऐसी सूचना के प्रसार के लिए अभियान, जो लोक कल्याण के लिए महत्वपणर््ूा हा;े और

(अ) सामुदायिक सबंध्ंाा ें के क्षेत्र में

(क) विषिष्ट व्यक्तियों का नागरिक सम्मान और ख्यातिप्राप्त व्यक्तियों की मृत्यु पर श्रद्धाजंलि देने 

(ख) मेलों और प्रदर्षनियो की व्यवस्था और प्रबध्ंा करना;और

(ग) लोकहित की सूचना का प्रसार।

3. सरकार द्वारा समनदुर्दिर्शत कृत्य.- राज्य सरकार, साधारण या विशष्ेा आदेष द्वारा किसी नगरपालिका से ऐसे अन्य नगरपालिक कृत्यों का पालन करने की अपेक्षा कर सकेगी जिनका राज्य सरकार, उस नगरपालिका की आवश्यकता और संसाधनों का ध्यान रखते हुए उस नगरपालिका द्वारा पालन किया जाना उचित समझे।

4. अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के कृृत्य.- (1) नगरपालिका के अध्यक्ष के निम्नलिखित कर्तव्य हागें  

(क) धारा 58 में यथा-उपबंिधत रूप में नगरपालिका की नियमित बैठके आयाेिजत करना;

(ख) जब तक कि युक्तियक्ुत कारण से निवारित नही किया गया हा,े नगरपालिका की समस्त बैठकों की अध्यक्षता करना और धारा 337 की उप-धारा (2) के खण्ड (गपपप) के अधीन तत्समय प्रवृत्त नियमों के उपबन्धों के अध्यधीन रहते हुए ऐसी बैठकों मंे कार्य सचंालन को विनियमित करना;

भाग 4 (क) राजस्थान राज-पत्र, सितम्बर 11, 2009 9 (83) 

(ग) नगरपालिका के वित्तीय और कार्यपालक प्रषासन पर निगरानी रखना;

(घ) इस अधिनियम के अधीन और उसके अनुसार विनिर्दिष्ट रूप से उस पर अधिरोपित या उसे प्रदत्त सभी कर्तव्यों का पालन और सभी शक्तियांे का प्रयोग करना; और

(ङ) ऐसे अन्य कार्यपालक कृत्यों का पालन करना जो विहित किये जाये।ं

(2) नगरपालिका का उपाध्यक्ष, अध्यक्ष की ऐसी शक्तियों का प्रयागे तथा ऐसे कर्तव्यों का पालन करगेा, जो े अध्यक्ष उसे  समय≤ पर प्रत्यायोजित करे। उपाध्यक्ष के निम्नलिखित कर्तव्य भी हागेंः -

(क) अध्यक्ष की अनुपस्थिति में और जब तक युक्तियक्ुत कारण से निवारित नही ं किया गया हा,े नगरपालिका की बैठकों की अध्यक्षता करना और जब इस पक्रार अध्यक्षता कर रहा हो, उसी प्राधिकार का प्रयोग करना जो उप-धारा (1) के खण्ड (क) और (ख) के अधीन अध्यक्ष में निहित है; और

(ख) अध्यक्ष के छुट्टी पर अनुपस्थित रहने के दौरान, अध्यक्ष की शक्तियों का प्रयागे और कर्तव्यों का पालन करना।

 

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Webpage Last Updated on : Sep 13, 2017